भारत को बचाने मुंब्रा आतंकवाद मुक्त हो : सामना

मुंबई। महाराष्ट्र के मुंब्रा में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक संदिग्ध की गिरफ्तारी पर चिंता जाहिर करते हुए शिवसेना ने शनिवार को कहा कि देश को बचाने के लिए मुस्लिम-बहुल इस कस्बे को ‘इस्लामिकआतंकवाद’ से मुक्त किया जाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि मुंब्रा कस्बा ‘आईएस टेरर फैक्ट्री’ बनने की राह पर है। मुंबई से 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित मुंब्रा एक कस्बा है, जहां की आबादी 10 लाख है, जिनमें अधिकांश मुसलमान हैं।

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ तथा ‘दोपहर का सामना’ में संपदाकीय में शिव सेना ने कहा है कि मुंब्रा तथा मराठवाड़ा क्षेत्र के वैजापुर में कुछ आईएस संदिग्धों को दबोचा गया था, जिनमें कमांडर मुदबिर शेख भी शामिल था, जो वैश्विक आतंकवादी संगठन के लिए युवकों की भर्ती कर रहा था।

पार्टी ने कहा कि अब मुंब्रा से 20 अप्रैल को संदिग्ध आतंकवादी शमशाद अहमद शेख उर्फ नाजिम को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते सहित छह राज्यों की पुलिस के समन्वय में की गई संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार आईएस के चार संदिग्धों में से एक नाजिम भी है।

शिव सेना ने याद दिलाया कि मार्च 1993 में मुंबई में आतंकवादी हमलों के लिए आए आरडीएक्स को मुंब्रा में ही उतारा गया था। शिव सेना ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा तथा अल-कायदा के कुछ संदिग्धों को मुंब्रा में, आईएस की लड़ाई में शामिल होने के प्रयास में पड़ोसी कल्याण में चार युवकों को दबोचा गया, जबकि आतंकवादी समूह में शामिल होने के लिए मुंब्रा से एक लड़का नूर मोहम्मद तांबे उर्फ तबरेज पहले ही घर छोड़कर भाग चुका है। संपादकीय के मुताबिक, “इसका आशय यह नहीं है कि मुंब्रा में रहने वाले सभी मुसलमान राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। लेकिन वास्तविकता तो यही है कि मुंब्रा मिनी पाकिस्तान बन गया है। सबसे चिंता वाली बात तो यह है कि वह आईएस टेरर फैक्ट्री बनने की राह पर है।”

एटीएस की हालिया कार्रवाई ने आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया, लेकिन मुंब्रा में आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करना तथा आतंकवादियों को सदा के लिए कुचलते देखना अभी बाकी है। संपादकीय में यह भी कहा गया है कि कस्बे को आतंकवादी तत्वों से मुक्त कराने के लिए ‘ऑपरेशन मुंब्रा’ चलाना बेहद जरूरी है।

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