मप्र के मुखिया का ट्रिवट, बस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए बना सजा!

उत्तराखंड बस हादसे में मप्र के 24 लोगों की जान चली गई। इंदौर से तीर्थ यात्रा पर निकली बस उत्तरकाशी के पास पहाड़ के खिसकने से कई फीट नीचे खाई में जा गिरी, बस में सवार 32 लेागों में से 24 लोगों की जान चली गई। मृतकों के परिजनों के लिए ये दुख काफी बड़ा है, पर इस दुख में सांन्त्वना देने की जगह मप्र के मुखिया शिवराज के ट्रिवट ने इस दुख में और इजाफा कर दिया। सीएम ने परिजनों को ट्रिवट कर सांन्त्वना दी कि उनके परिजनों के शव जल्द ही स्पेशल ट्रेन से लाए जा रहे है और 48 घंटों के बाद जब शव नहीं आए तो पता चला कि जिस ट्रेन से शव लाए जाने का दावा सीएम ने किया था वो ट्रेन तो दो दिनों के लिए कैंसिल कर दी गई हैं।

अब ये मजाक नही तो क्या है ?

पीएम मोदी डिजिटल इंडिया के नारे के बाद से सीएम शिवराज भी अब काफी सोशल हो चुके है। कोई भी मौका हो सीएम का ट्रिवट जरूर आता है। पर इस बार उनके ट्रिवट ने बस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ ऐसा मजाक कर दिया कि उनका दुख कम होने की बजाए बढ़ गया। घटना के बाद सीएम भले ही अपने तय कार्यक्रमों में बने रहे पर उन्होंने ट्रिवट के जरिए म्रतको के परिजनेां को सांन्त्वना भी दी और राहत राषि देने की घोषणा भी कर दी। आनन फानन में एक अधिकारीयों का दल भी उत्तर काशी के लिए रवना कर दिया गया। ये सारी जानकारी लगातार सोशल मीडिया के जरिए लोगों को बताई जा रही थी। सही भी है प्रदेष की जनता केा भी पता चलना चाहिए कि उनका मुखिया जनता के लिए कितना संवेदनशील है। पर ट्रेन के ट्रिवट ने सीएम की संवेदन शीलता को जगजाहिर कर दिया। जिस प्रदेष के मुखिया को इतनी जानकारी नहीं कि वो जिस ट्रेन से म्रतकों के शवों को लाने की जानकारी सोशल मीडिया पर दे रहे है वो ट्रेन तो 2 दिनों के लिए पहले से ही कैंसिल है।आनन-फानन में फिर ऐसी बसों से शवों को लाने की बात कही गई पर वो भी सफल नहीं हो सका। जिसके बाद एयर इंडिया विमान के जरिए घटना के तीसरे दिन शवों को इंदौर लाया जा रहा है।

इस पूरी घटना से अब सवाल यही उठता है कि या तो सीएम को सही जानकारी दी नहीं जाती,या फिर सीएम अपने बयानों और वादों को लेकर इतने संवेदनशील नहीं है। देखा जाए तो इसे एक छोटी सी चूक कह कर टाला जा सकता है पर दूसरी तरह से देखा जाए तो ये एक बडा सवाल खडा करता है प्रदेष की इंटेलिजेंस और सीएम के सलाहकारों के पर।सीएम के ट्रिवट से इस तरह की गलत जानकारी का जाना कहीं ना कही कांग्रेस के उन आरोपो को सही साबित करता नजर आता है जो सीएम पर बार बार लगाए जाते है। पर इस बार कांग्रेस को आरोप लगाने की जरूरत नहीं है सीएम ने खुद ही ट्रिवट कर कांग्रेस को मौका दिया है, उनको एक बार फिर से घेरने का। हालांकि ये तो  राजनीति है जो चलती रहेगी पर उन म्रतकों के परिजनों के साथ जो पिछले 24 घंटों में हुआ उसका क्या ?

लेखक-

विजय तिवारी मुरैना
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