में भी हूं इंसान शॉर्ट मूवी को दर्शकों ने पसंद किया

समाज में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है, पर आज ये भगवान का दर्जा ही डॉक्टरों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। आए दिन सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों पर हो रहे हमले की घटनाएं यही साबित करती है। इसी तरह की सच्ची घटना को दर्शाती है शार्ट फिल्म ‘‘में भी हूं इंसान‘‘।

इस शॉर्ट फिल्म के जरिए दिखाया गया है कि किस तरह से एक डॉक्टर मरीजों की सेवा के लिए अपना परिवार और सारी चीजे छोड़ देता है पर जब किसी दिन वो किसी मरीज की जान नहीं बचा पाता है तो बिना सोचे समझे डॉक्टरों पर हमला कर दिया जाता हैं। ऐसे में एक आज डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे है। समाज के लोगों को ये समझना पडेगा कि डॉक्टर भी इंसान है पर अगर वो डॉक्टर पर अपना भरोसा जताते है तो वो जरूर अपने हुनर से उनके मरीज की जान को बचाने की कोशिश करता है। इस फिल्म के जरिए यहीं प्रयास किया गया है कि समाज का हर वर्ग डॉक्टर पर भरोसा कायम रखे।

इस शार्ट मूवी को एसआरडी मीडिया के बैनर तले बनाया गया है जिसका निर्देशन विजय तिवारी ने किया है। फिल्म का कंसेप्ट इंदौर के मशहूर ओर्थोपेडिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ प्रमोद पी. नीमा ने दिया । वहीं फिल्म का निर्माता विजय तिवारी और डॉ प्रमोद पी. नीमा ने किया है। फिल्म की कहानी विजय तिवारी ने लिखी है,।

फिल्म में डॉक्टर की मुख्य भूमिका इंदौर केें गिर्राज शर्मा ने अभिनय किया है। पिता का किरदार इंदौर के श्रीराम लाइफ इन्सोरेंस के एमडी “मनोज कुमार जैन” ने किया। मनोज जैन ने पिता के किरदार को बहुत ही बहुत ही सहजता के साथ निभाया। वहीं अजय श्रीवास्तव नेता के किरदार में रहे। वही हितेन्द्र शर्मा , योगेश धाकरे, रोहन शाही, दीप्ती शर्मा ने भी फिल्म में अहम भूमिका निभाई है। फिल्म की शूटिंग में इंदौर के यूनिक हॉस्पीटल स्टाफ ने भी भरपूर सहयोग दिया। फिल्म को विजय तिवारी रिपोर्टर यूट्रयूब चैनल पर प्रसारित किया गया है जहां पर महज 3 दिनों में ही हजारो दर्शकों ने फिल्म को देखा और फिल्म की सराहना की।

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