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मध्य प्रदेश में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पहली अदालती कार्यवाही, वकीलों ने घर से की पैरवी- MP में पहली अदालती कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ MPMRMPSG | bhopal – समाचार हिंदी में


ग्वालियर में प्रदेश का पहला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण मध्य प्रदेश में सभी जिला न्यायालयों में अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई की जा रही है। उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के अनुसार सभी जिला अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई की जाएगी।

भोपाल। कोरोना संक्रमण (COVID-19) का असर अदालती कार्यवाही (कोर्ट की कार्यवाही) पर भी पड़ा है। मामलों की सुनवाई भी अब सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हो रही है। ग्वालियर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से मध्य प्रदेश की पहली सुनवाई हुई। घर बैठ कर वकीलों ने पैरवी की। कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। लॉकडाउन के दौरान ये पहला मौका है जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केस ट्रायल होम से की गयी हो।

ग्वालियर के सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनीष शर्मा ने चार महत्वपूर्ण प्रकरणों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य का प्रतिनिधित्व किया। मप्र लोक अभियोजन की प्रमुख जनसपर्क अधिकारी मौसमी तिवारी ने बताया कि कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण मध्य प्रदेश में सभी जिला न्यायालयों में अत्याचार रोकथाम के मामलों की सुनवाई की जा रही है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी जिला अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई की जाएगी।

पहला परीक्षण

लोक अभियोजन संचालक पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को वीडियो उपकरण के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर केस की सुनवाई करने का निर्देश दिया है। ग्वालियर संभाग की जिला अदालतों में इसकी शुरुआत भी हो गयी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से परीक्षण के लिए ए.के मंसूरी, विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) के ग्वालियर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ए.के मंसूरी, विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) ग्वालियर और विशेष नगर निगम मजिस्ट्रेट एम। एन। राजवी की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से केस की सुनवाई की गयी।

शासन ने पक्ष रखा

बुधवार को हुई इस सुनवाई में सरकार की ओर से सरकारी वकील और अभियोजन अधिकारी ने पैरवी की। परीक्षण शुरू करने से पहले ए.जी.पी. और ए.डी.पी.ओ को सूची भेजी गई। उस सूची के माध्यम से सरकारी वकील अदालत की कार्यवाही से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ गए। विशेष न्यायाधीश ए के मंसूरी की अदालत के सामने घनश्याम मंगल, अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता और विशेष नगर निगम मजिस्ट्रेट एम। एन। राजवी के सामने मनीष शर्मां एडीपीओ ने पैरवी की।

संशोधन हुआ रद्द

विशेष नगर निगम मजिस्ट्रेट की अदालत में पुरानी छावनी थाना इलाके के आरोपी गौरव उर्फ ​​पैंदी को पेश किया गया। उस पर मुकेश शिवहरे की शराब की दुकान की दीवार तोड़कर चोरी करने का आरोप है। एडीपीओ ने अभियुक्त के जमानत आवेदन का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उसकी जमानत निरस्त (रद्द) कर दी।

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प्रथम प्रकाशित: 22 अप्रैल, 2020, 3:41 PM IST


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