अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली को पीछे छोड़ उज्जैन में डेथ रेट 14 प्रतिशत से ज्यादा
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अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली को पीछे छोड़ उज्जैन में डेथ रेट 14 प्रतिशत से ज्यादा

भोपाल। मध्य प्रदेश में मंगलवार को कोरोना संक्रमण (कोरोना संक्रमण) के 57 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद कुलिटेन्स की संख्या 2387 पहुंच गई है। इसके अलावा पूरे प्रदेश से सात लोगों के कोरोना से मौत की खबर आ रही है। लेकिन इस दौरान चिंता का विषयजन (उज्जैन) जिले में मृत्यु दर बढ़ जाती है। यहाँ सोमवार को यह 14.28 प्रतिशत हो गया है। जो देश में सबसे ज्यादा है। यह दर कोरोना से परेशान महानगर अहमदाबाद, मुंबई और दिल्ली से बहुत अधिक है। जहां उज्जैन से 20 गुना अधिक मामले सामने आए हैं।

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की परिस्थिति का सामना कर रहे उज्जैन के प्रशासनिक अधिकारी जिले के स्वास्थ्य ढांचे के कारण परेशान दिख रहे हैं। इसका कारण यहां के सिर्फ एक निजी मेडिकल कॉलेज पर सबकी निर्भरता है। यहां पास के आगर मालवा और रतलाम जिले से भी लोग इलाज के लिए आते हैं। इस अस्पताल के सीनियर प्रबंधन के लोग क्वारंटाइन में जा चुके हैं। इसके अलावा यहां काम करने वाले कई कर्मचारी ड्यूटी करने के इनकार कर चुके हैं। यहां जिन रोगियों का इलाज चल रहा है, वे खाने की खराब गुणवत्ता और इलाज की सही व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें कर रहे हैं।

चार लोगों की अस्पताल के बिस्तर पर मौत, आठ की रिपोर्ट आने से पहले पता था

यहां 27 अप्रैल तक 17 लोगों से चार लोगों की मौत अस्पताल की बिस्तर पर हुई। इसके अलावा कई ऐसे भी हैं जो समय से यहां पहुंच नहीं पाए हैं। अतिरिक्त जिला अधिकारी सुजान सिंह रावत ने बताया कि आठ मरीजों की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मौत हो गई थी। कोरोना से संबंधित मृत्यु दर इंदौर में अप्रैल के मध्य 10 प्रतिशत थी। जो सोमवार को घटकर 4.6 प्रतिशत हो गया है। उसी दिन दिल्ली में ये पास 1.7 प्रतिशत, सूरत में 3.3 प्रतिशत, मुंबई में 3.8 प्रतिशत, अहमदाबाद में 5 प्रतिशत और पुणे में 7.6 प्रतिशत था। इस दर्रा में लोगों की पुष्टि होने और इनमें से जिन लोगों की मौत हुई है वह शामिल है।

जिला प्रशासन को मिली शिकायत थी

जिला प्रशासन को कोरोना के सही तरीकों से इलाज नहीं होने की शिकायत मिली है। यह बात जिला कोविड 19 नोडल ऑफिसर एचपी सोननिया ने कही। इसके बाद अस्पताल के वार्ड में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। इसलिए इस पर नजर रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्य शिकायत खाने को लेकर, जिसका निदान कर दिया गया है।

ड्यूटी नहीं आ रहे हैं कई कर्मचारी हैं

द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार, यहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के अधिकारी जिनमें सफाईकर्मी भी शामिल हैं। वो कोरोना संक्रमण के डर से ड्यूटी पर आना बंद कर चुके हैं। यह अस्पताल के डायरेक्टर और मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट और डीन बीमार थे। इन सभी को क्वारंटाइन में जाना पड़ा था। रावत के अनुसार, हमने अस्पताल को 11 लोग उपलब्ध कराए हैं। जो ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे, उन्हें आने को कहा जा रहा है। इनमें से नौ कर्मचारी ड्यूटी पर वापस आ चुके हैं।

इंदौर से लौटे लोग हो सकते हैं करने वाले

माना जा रहा है कि उज्जैन में इस महामारी का इस तरह फैलने का कारण वे करियर्स हो सकते हैं जो इंदौर से लौटे थे। मध्य प्रदेश में मंगलवार को 7 लोगों की मौत हो गई। इन मृतको मेंजैन के तीन लोग शामिल थे। जबकि भोपाल, देवास, रायसेन और अशोकनगर जिले में एक-एक परिवर्तन की मृत्यु हुई है।

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