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Crime in Chhattisgarh – two FIRs against TV channel editor problems may increase

Publish Date: | Thu, 23 Apr 2020 08:23 AM (IST)

रायपुर। Crime In Chhattisgarh : रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ सकती है। अर्नब गोस्वामी, उनके चैनल और ग्रुप के खिलाफ रायपुर में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई है। पहली एफआईआर पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दर्ज कराई है। इस एफआइआर में पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं वे सभी गैर जमानती हैं। वहीं दूसरी एफआईआर कांग्रेस के रायपुर जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे की शिकायत पर दर्ज की गई है। टीवी चैनल संपादक पर धार्मिक उन्माद फैलाने और कोरोना महामारी संकट के दौर में अशांति फैलाने का आरोप है।

पहली एफआईआर–

सिंहदेव और मरकाम ने पुलिस को किए गए शिकायत में कहा है कि मंगलवार को रिपब्लिक टीवी पर उसके एडिटर (संपादक) अर्नब गोस्वामी ने एक डिबेट शो “पूछता भारत” में कहा- एक धर्म विशेष से जुड़े संतों की हत्या कर दी जाती है और सोनिया गांधी चुप क्यों है? बहुत से मीडिया भी चुप हैं। भारत में 80 प्रतिशत इसी धर्म विशेष के लोग रहते हैं। एेसे में हत्या के समय इटली वाली सोनिया चुप है, क्या अगर अन्य धर्मगुरूओं की हत्या होती तो सोनिया चुप रहती? अभी देश में हंगामा कर देती, सोनिया गांधी उर्फ अल्थो मनिया चुप है, क्या एेसे में धर्म विशेष के लोगों को चुप रहना चाहिए? इटली वाली सोनिया गांधी इटली में रिपोर्ट भेजेगी कि देखो मैने महाराष्ट्र में सरकार बनाकर संतों की हत्या करवाई।

एफआईआर में आगे कहा गया है कि अर्नब गोस्वामी ने पूरे देश को धर्म के अधार पर दंगा करने के लिए उकसाया है। इससे पूरे देश में धार्मिक उन्माद पैदा हो गया है। धार्मिक तनाव पैदा हो गया है। जहां एक तरफ देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, वहीं इस तरह से नफरत कर वातावरण बनाया गया। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तथा पूरे देश में रोष व्याप्त है।

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ एेसे मानहानि वाले शब्द कहे गए, वह सभी यू-ट्यूब पर भी उपलब्ध है। रिपोर्ट पर पुलिस ने अर्नब गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी 1860 की धारा 153(छ), 295(छ) और 505 (2) के तहत अपराध दर्ज किया है। इन तीनों धाराओं के तहत 3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

दूसरी एफआईआर —

वहीं दूसरी एफआईआर राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने को लेकर की गई है। इस एफआईआर में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा है कि रिपब्लिक टीवी पर उसके संपादक अर्नब गोस्वामी ने 16 अप्रैल 2020 को राहुल गांधी द्वारा प्रेस कान्फ्रेंस में कोरोना वायरस रोग के रोकथाम के लिए दिये गये सुझावों को गलत ढंग से पेश कर उनकी तरफ से झूठी खबर अपने चैनल में प्रसारित किया।

जबकि महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3, 4 के तहत कोविड-19 रोग की रोकथाम के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया है कि कोविड 19 के संदर्भ में कोई भी अफवाह या गलत समाचार प्रकाशित/प्रसारित नहीं करेगा।

इन आदेशों का उल्लघंन किया गया है। इस मामले में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस धारा के तहत 1 माह की सजा या 200 रुपये जुर्माना या फिर दोनों से दंडित करने का प्रावधान है।

Posted By: Anandram Sahu

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