शहीद हुए टीआई की बेटी पुलिस में शामिल होगी और अपने पिता के अधूरे सपने को पूरा करेगी
Madhya Pradesh

शहीद हुए टीआई की बेटी पुलिस में शामिल होगी और अपने पिता के अधूरे सपने को पूरा करेगी

भोपाल। कोरोना (COVID-19) ने एक परिवार से अपनी सारी खुशियाँ छीन ली। बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। मजबूरी की हद भी ऐसे की अंतिम पलों में भी परिवार कोरोना की जंग लड़ते हुए शहीद हुए नीलांगे टीआई यशवंत पाल के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए। पिता के कटआउट से चिप कर जब परिवार रो रहा था तब बेटी ने दृढ़ निश्चय किया कि अपने दुश्मन कोरोना को हराने पिता की राह पर चलेंगी। पिता को चुनने के बाद उनकी तस्वीर से लिपटकर रोने वाली बेटी ने अपना आत्मविश्वास कम नहीं होने दिया। बेटी ने साहस दिखाया और समाज के लिए बन गई एक मिसल। पिता की शहादत के आठवें दिन पुलिस भर्ती के लिए बेटीजैन पहुंची और फिटनैस टेस्ट दिया।

शब्दों में हौसला है

परिवार का मानना ​​है कि मुसीबत जो इतनी कष्टदायक हो सकती थी उसे डरो नहीं बल्कि उसका सामना करना पड़ता है। आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ अपनी मंजिल की ओर अगला कदम बढ़ाएं। इरादे नेक हैं तो सफलता जरूर मिलेगी। शहीद हुए टीआई पाल की पत्नी मीना पाल, बेटी फाल्गुनी और ईशा इंदौर स्थित घर पर रहती हैं और परिवार के मुखिया टीआई पाल की हर बातों को याद करती हैं। यह शब्द ही उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देता है।

पिता ने अपमान किया

एसआई की नौकरी देने की घोषणा के बाद टीआई पाल की बेटी फाल्गुनी ने पुलिस लाइन आकर मेडिकल फिटमेंट टेस्ट कराया। पुलिस भर्ती के सभी डॉक्यूमेंट भेजे गए और वापस इंदौर रवाना हो गए। डॉक्यूमेंट भेजने वाली आई इंदौर की बेटी फाल्गुनी की आँखों में जो आग थी वो ये बयां कर रही थी कि बेटी अपने पिता पर अत्याचार करती है और उनसे बहुत प्यार करती हैं।

पिता की राह पर बेटी

पत्नी तहसीलदार मीना पाल ने बताया कि पति ने कभी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा। कभी फर्ज को संभालाने से वह पीछे नहीं हटे। बीमार होने पर भी ड्यूटी करने जाते थे। जब वेंटीलेटर पर थे, तब भी मुस्कुराते रहे और परिवार को हौसला देते रहे। जब पति ने अपने कर्म को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी तो बेटी कैसे पीछे रह सकती थी। खुदा की राह बेटी ने अपनाई और अब बेटी पिता की जगह फर्ज का दायित्व निभाती है।

जंग लड़ने वाली सरकार का मिला साथ
मुख्यमंत्री शिवराज ने शाहीद टीआई पाल की बेटी फाल्गुनी नौकरी एसआई के पद पर नौकरी देने की घोषणा की है। उसकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। फाल्गुनी ने इंदौर पहुंच कर मेडिकल फिटन टेस्ट दे दिया है। साथ ही सभीडॉक्यूमेंट्स भी पुलिस मुख्यालय को भिजवा दिए गए हैं। फाल्गुनी को अब इंतजार है कि उसे जल्द ही वह नौकरी मिले जिससे वह अपने दुश्मन को हरा सके।

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