Crime

Meet bodyguard of Lord Jagannath dominates social media


Updated: | Thu, 23 Apr 2020 05:55 PM (IST)

पुरी। Jagannath Puri Mandir: हिन्दू धर्म के चार धाम में जगन्नाथ पुरी धाम भी शामिल है। जगन्नाथ भगवान विष्णु के पूर्ण कला अवतार श्रीकृष्ण का ही एक रूप हैं और ओडिशा राज्य के पुरी शहर में इनका एक विशाल मंदिर है। इस मंदिर में एक शख्स ऐसा है जो हर आने-जाने वाले श्रद्धालु का ध्यान अपनी ओर खींचता है। ये शख्स कोई और नहीं बल्कि इन्हें भगवान जगन्नाथ का अंगरक्षक कहा जाता हैं।

जी बता दें कि जगन्नाथ पुरी मंदिर में भगवान जगन्नाथ के अंगरक्षक के तौर पर अनिल गोचीकर नियुक्त हैं। अपनी बाहुबली-सी कद काठी के चलते अनिल सभी का ध्यान आकर्षित कर लेते हैं। एक्टर-मॉडल की तरह स्मार्ट दिखने वाले अनिल के बारे में आपको बता दें कि वे 7 बार मिस्टर ओड़िशा, 3 बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दो बार सन् 2017 एवं 2019 में गोल्ड तथा एक बार 2018 में सिल्वर, एक बार अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर चुके हैं। मिस्टर ओडिशा बनने से पहले अनिल पूर्व में मिस्टर वर्ल्ड प्रतियोगिता में गोल्ड कैटेगरी में भी कांस्य पदक भी जीत चुके हैं।

परिवार भी सेवक

अनिल के बड़े भाई श्री मंदिर में सेवक हैं और माता-पिता भी महाप्रभु के सेवक थे। इसके बाद अब अनिल भी महाप्रभु की ही सेवा करते हैं। गराबड़ु सेवा अर्थात प्रभु के स्नान के लिए पानी देने का कार्य, बड़द्वार अर्थात अंगरक्षक का कार्य और हड़प सेवा यानी मंदिर ट्रेजरी वैन का दुरुपयोग न हो इसका संचालन जैसी जिम्मेदारी अनिल ही निभाते हैं।

पूर्वजों ने महाप्रभु की मूर्ति बचाई

उनके मुताबिक उनके पूर्वज बताते हैं कि एक बार मुगल ने जब श्रीमंदिर पर हमला किया था तब उनके पूर्वजों ने महाप्रभु जी को पाताली किया था। अर्थात उन्होंने महाप्रभु की मूर्ति को ले जाकर छिपाया था ताकि उसे नुकसान ना पहुंचा सके। दरअसल महाप्रभु की मूर्ति काफी भारी है और ऐसे में मूर्ति ले जाकर छिपाना काफी मुश्किल कार्य था। बहरहाल अनिल अपनी लुक सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं और कई श्रद्धालु उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं।

बहरहाल बता दें कि मध्यमवर्गीय किसान ब्राह्मण परिवार में जन्में अनिल 2 बार के मिस्टर ओडिशा और एक बार मिस्टर इंडिया रह चुके हैं। इसके अलावा वे मिस्टर वर्ल्ड प्रतियोगिता में उपविजेता रहे हैं। बड़े भाई के बॉडी बिल्डर होने के कारण अनिल का रुझान भी बचपन से इस खेल की ओर रहा। उन्होंने कड़ी मेहनत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम किया। फिलहाल वे अपने खेल के साथ ही श्रीधाम पूरी में भगवान जगन्नाथ की सेवा भी करते हैं। ये सबसे खास बात है कि भगवान की सेवा में होने के कारण अनिल पूरी तरह शाकाहार का पालन करते हैं। बॉडी बिल्डिंग जैसे खेल में होने के बावजूद उन्होंने कभी नॉन-वेज को हाथ तक नहीं लगाया।

ऐसी है दिनचर्या

अनिल ने बताया कि वे हर दिन सुबह 5.30 बजे उठ जाता हैं। इसके बाद नाश्ते में 150 ग्राम अंकूरित मूंग और 1 नारियल खाने के बाद जिम्नेशियम जाते हैं। सुबह 9.30 बजे चावल, पनीर, मशरूम, पालक का साग, वेट प्रोटीन और फिर दोपहर 12.30 बजे चावल, पनीर, सोयाबीन, दही सलाद खाते हैं। दोपहर 3 बजे ब्रेड या रोटी, सब्जी के साथ एक या दो केले खाते हैं और फिर जिम्नेशियम जाते हैं। यहां करीब 3 घंटे शारीरिक अभ्यास करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी सोसाइटी के बच्चों को स्कूली पढ़ाई के बाद अखाड़े में जाना अनिवार्य है। हालांकि खुद अनिल ने भुवनेश्वर में बॉडी बिल्डिंग और रेसलिंग का प्रशिक्षण लिया और पहले राज्य और फिर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।

Posted By: Rahul Vavikar

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *